The Great Wall of China (चीन की महान दीवार)

 

दुनिया की सबसे लंबी दीवार को बनाने में कई सदियां लग गई थी। द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को पांचवी शताब्दी से लेकर 16 शताब्दी तक बनाया गया था  इस दीवार को चाइनीज लोगों ने मंगोल के आक्रमण से बचने के लिए बनाया था। यह एक मानव निर्मित किलेनुमा दीवार है जो कि लगभग 4000 मील लंबी है चीन की महान दीवार में परिणाम के लिए इन दीवारों को एक साथ जोड़ा गया था। यूनेस्को ने 1987 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में साइट को अंकित किया

Christ the Redeemer (क्राइस्ट द रिडीमर)

 

क्राइस्ट द रिडीमर ब्राज़ील के रियो डी जेनेरो में स्थापित ईसा मसीह की एक मूर्ति है जिसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आर्ट डेको स्टैच्यू माना जाता है करीब 32 मीटर ऊंची इस मूर्ति का वजन 700 टन है। इसका निर्माण 1922 से 1931 के बीच किया गया था।

निर्माण 1926 में शुरू हुआ और पांच साल बाद पूरा हुआ। परिणामी स्मारक 98 फीट (30 मीटर) लंबा है, जिसमें इसका आधार शामिल नहीं है, जो कि लगभग 26 फीट (8 मीटर) ऊंचा है और इसकी बाहरी भुजाएं 92 फीट (28 मीटर) हैंप्रतिमा अक्सर बिजली की चपेट में आ जाती है, और 2014 में तूफान के दौरान यीशु के दाहिने अंगूठे का सिरा क्षतिग्रस्त हो गया था

Taj Mahal History (ताजमहल )

 

भारत के आगरा में स्थित यह मकबरा परिसर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक माना जाता है मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण करवाया था।ताजमहल को बनकर तैयार होने में करीब 20 साल का वक्त लगा था कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 20,000 कर्मचारी, जिसमें एक परावर्तक पूल के साथ एक विशाल उद्यान शामिल है। मकबरा सफेद संगमरमर से बना है जिसमें ज्यामितीय और पुष्प पैटर्न में अर्ध-पत्थरों की विशेषताएं हैं

The Colosseum (कोलोसियम )

 

कोलोसियम या कोलिसियम इटली देश के रोम नगर के मध्य निर्मित रोमन साम्राज्य का सबसे विशाल एलिप्टिकल एंफ़ीथियेटर है। यह रोमन स्थापत्य और अभियांत्रिकी का सर्वोत्कृष्ट नमूना माना जाता है इंजीनियरिंग का एक करतब, एम्फीथिएटर 620 को 513 फीट (156 बाई 156 मीटर) मापता है और इसमें वाल्टों की एक जटिल प्रणाली है। यह 50,000 दर्शकों को रखने में सक्षम था, जो कई तरह के आयोजन देखता था कहा जाता है कि इस स्टेडियम में 50000 लोग जंगली जानवरों और गुलामों के बीच खूनी लड़ाई का खेल देखते थे। इस स्टेडियम की वास्तुकला ऐसी है इसकी नकल करना संभव नहीं है। 

Machu Picchu (माचू पिच्चू)

 

दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में जमीन से 4230 फीट की ऊंचाई पर ‘माचू पिच्चू’ नाम का शहर है।स्पेनिश शासन के खिलाफ 16 वीं सदी का विद्रोह। यद्यपि बाद में यह दावा खारिज कर दिया गया था, माचू पिचू के उद्देश्य ने विद्वानों को भ्रमित कर दिया है। बिंगहैम का मानना था कि यह "सूर्य के वीरगान" का घर था, जो महिलाओं को प्रतिज्ञा के तहत सजा में रहते थे लगभग सौ साल बाद, जब इंकाओं पर स्पेनियों ने विजय प्राप्त कर ली तो इसे यूँ ही छोड़ दिया गया। हालांकि कहा जाता हैं यहाँ चेचक जैसी बीमारी फैल जाने के कारण उन्हे छोड़ना पड़ा था।

Petra (पेट्रा)

 

पेट्रा प्राचीन ग्रीक "पेट्रोस" से आया है, जिसका अर्थ है "रॉक", जो बहुत उबाऊ जगह के लिए एक उबाऊ नाम है। पेट्रा जॉर्डन के दक्षिण में डेड सी और रेड सी के बीच है, जो राजधानी अम्मान से कुछ घंटों की ड्राइव पर है, और माना जाता है कि इसे लगभग 300 ईसा पूर्व स्थापित किया गया था।यहाँ तरह-तरह की इमाराते हैं जो लाल बलुआ पत्थर से बनी हुई हैं। माना जाता है कि इसका निर्माण कार्य 1200 ईसापूर्व के आसपास शुरू हुआ

Chichen Itza (चिचेन इत्जा)

 

मेक्सिको में स्थित चीचेन इट्ज़ा ‘माया सभ्यता’ की सबसे प्राचीन शहरों में एक है सबसे उल्लेखनीय में से एक है पिरामिड एल कैस्टिलो ("द कैसल"), जो मेन प्लाजा से 79 फीट (24 मीटर) ऊपर है जिसके चारों दिशाओं में 91 सीढ़ियां हैं। इसकी हर सीढ़ी साल के 1 दिन का प्रतीक है। इस पिरामिड के ऊपर बना चबूतरा साल के 365 में दिन का प्रतीक हैमाया सभ्यता में सौसर की बॉल और जटिल नियमों के साथ खेल खेले जाते थे। इन कॉलम पर जटिल नक्काशी भी मजूद हैंइसका निर्माण 800 से लेकर 1200 एडी में हुआ था